तुम हो तो
मेरी खामोशियों को भी आवाज़ मिलती है,
वरना ये दिल
भीड़ में भी अकेला सा धड़कता है।
तुम्हारी आँखों में
मैंने अपना पूरा आकाश देखा है,
जहाँ हर तारा
मेरे नाम की रौशनी से चमकता है।
तुम्हारा हाथ थाम लेना
मेरे लिए किसी प्रार्थना सा है,
जिसमें शब्द नहीं होते,
पर सुकून पूरा होता है।
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